प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- टेंडर प्रक्रिया में खेल? 17 अप्रैल के बोर्ड प्रस्ताव के बाद प्रतिस्पर्धा कम होने और लगभग अनुमानित दरों पर ही टेंडर पास करने का आरोप।
- सड़क व निर्माण में मानक दरकिनार: शिकायतों के बावजूद घटिया सामग्री से निर्माण कार्य जारी रहने पर जताया विरोध।
- सीवरेज व नाली योजना में लीपापोती: 30 अगस्त 2024 की योजना के 4 कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी और 2 में ‘आइटम परिवर्तन’ के प्रस्ताव पर तीखी आपत्ति।
- पारदर्शिता की मांग: पालिका के सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने और सभी संबंधित निविदाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग।
विस्तृत समाचार:
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (चंदौली)।
नगर पालिका परिषद पं० दीनदयाल उपाध्याय नगर की 18 अगस्त 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक में नगर विकास कार्यों, निविदा (टेंडर) प्रक्रिया और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा के पूर्व महामंत्री एवं पालिका के नामित सदस्य भीम कुमार मोदी ने अधिशासी अधिकारी (EO) और पालिका अध्यक्ष के समक्ष तीन अहम व गंभीर मुद्दों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
1. टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा खत्म होने और पालिका को वित्तीय क्षति का आरोप
भीम कुमार मोदी ने बैठक में सबसे पहले 17 अप्रैल 2026 को पारित उस बोर्ड प्रस्ताव पर सवाल खड़े किए, जिसमें पूर्व में आवंटित कार्य पूरा न कराने वाले ठेकेदारों को नई निविदाओं में भाग लेने पर रोक लगाई गई थी।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पहले होने वाली निविदाओं में कई ठेकेदारों द्वारा अनुमानित दर से 10% से 15% तक कम दर पर कार्य लिए जाते थे, जिससे पालिका को बड़ी आर्थिक बचत होती थी। लेकिन 17 अप्रैल के बाद जारी निविदाओं में कार्य लगभग अनुमानित दर के बराबर या बेहद कम अंतर पर स्वीकृत किए गए। इससे पालिका पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा। उन्होंने मांग की कि सभी संबंधित निविदाओं की बोलियों और स्वीकृत दरों की जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर निविदा मैनेज करने या नियमों की अनदेखी से पालिका को वित्तीय क्षति हुई हो, तो जिम्मेदारी तय की जाए।
2. निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल
नगर क्षेत्र में हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कार्यों में तय मानकों के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। गुणवत्ता को लेकर पहले भी जांच की मांग की गई थी और अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद घटिया सामग्री से निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है।
3. सीवरेज व जल निकासी योजना में लीपापोती और ‘आइटम परिवर्तन’ पर विरोध
30 अगस्त 2024 की सीवरेज एवं जल निकासी योजना के तहत संपन्न हुई ई-निविदा के 4 कार्यों को लेकर भी उन्होंने मोर्चा खोला। उन्होंने बताया कि मौके पर निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता को लेकर केवल लीपापोती की स्थिति दिखी, जिसकी शिकायत संबंधित जेई (JE) और उच्चाधिकारियों से की गई थी। इसके बावजूद उन 4 कार्यों में से 2 कार्यों में ‘आइटम परिवर्तन’ का प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष लाने का प्रयास किया गया, जिस पर उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
“मकसद किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं, पारदर्शिता जरूरी”
- नामित सदस्य भीम कुमार मोदी ने स्पष्ट किया कि बोर्ड बैठक में उठाए गए इन तीनों मुद्दों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि नगर पालिका के हर कार्य में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकना है।














