उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रहने वाले 31 साल के हरीश राणा की सेहत पर आज पूरे देश की नजर है। वह पिछले 13 साल से कोमा में हैं और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनके माता-पिता की अपील पर हाल ही में इच्छामृत्यु की अनुमति दी है। इस बीच, राजस्थान के भीलवाड़ा में रहने वाले अखंडानंद बाबा गाजियाबाद पहुंचे। 62 वर्षीय बाबा का दावा है कि उनके पास देसी जड़ी-बूटियों से बनी दवाइयां हैं। इनसे हरीश राणा को नई जिंदगी मिल सकती है। बाबा का यह भी कहना है कि इन दवाओं की जांच एम्स के डॉक्टरों से कराई जा सकती है। इससे नसें और अंग फिर से काम करना शुरू कर देंगे।













