चंदौली: उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय (PDDU) जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने वाली है। रेलवे प्रशासन ने जंक्शन की सुरक्षा को ‘अनमैच्ड’ यानी बेमिसाल बनाने के लिए एक मेगा ‘सिक्योरिटी मास्टर प्लान’ तैयार किया है। इस नए प्लान के लागू होने के बाद, PDDU जंक्शन देश के सबसे सुरक्षित रेलवे स्टेशनों की सूची में शीर्ष पर होगा।
आधुनिक कैमरों से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
नए मास्टर प्लान के तहत पूरे स्टेशन परिसर को हाई-डेफिनेशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जाल से ढका जाएगा। इन कैमरों की खासियत यह होगी कि ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस होंगे।
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फेस रिकग्निशन: संदिग्ध चेहरों और अपराधियों की पहचान तुरंत हो सकेगी।
एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर रहेगा कड़ा पहरा
स्टेशन के भीतर आने और बाहर जाने वाले हर रास्ते पर सुरक्षा का घेरा पहले से कहीं अधिक सख्त होगा।
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बैगेज स्कैनिंग: अत्याधुनिक लगेज स्कैनर्स के जरिए यात्रियों के सामान की बारीकी से जांच होगी।
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एक्सेस कंट्रोल: अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए ‘एक्सेस कंट्रोल सिस्टम’ को मजबूत किया जा रहा है
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) मिलकर एक जॉइंट एक्शन प्लान पर काम कर रही हैं।
यात्रियों की सुरक्षा ही प्राथमिकता
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, PDDU जंक्शन एक बड़ा रेलवे हब है जहाँ से रोजाना हजारों की संख्या में यात्री गुजरते हैं। इस मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना और आपराधिक घटनाओं को शून्य पर लाना है। इस योजना के लिए बजट और ब्लूप्रिंट को अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही धरातल पर इसके परिणाम दिखने लगेंगे।













